Monday, January 28, 2019

Reciprocating pump

रेसिप्रोकेटिंग पंप में आने वाले दोष और उनको दूर करने के उपाय

1. डिसचार्ज होने के कारण
  1. पंप का प्रयोग न होना।
  2. सक्शन लिफ्ट का ज्यादा होना।
  3. सक्शन एक लाइन में blockage होना।                                                                                                        इन दोषों को दूर करने के उपाय
1. पंप का डिसचार्ज न होना।
2. पंप का ज्यादा आवाज होना।
3. पंप का ज्यादा हिलना।
4. डिसचार्ज प्रेशर का काम होना।

पंप के डिसचार्ज न देने के कारण

  1. पंप की priming न होना।
  2. सक्शन lift का ज्यादा होना।
  3. हवा का लॉक होना।
  4. सक्शन एक लाइन का ब्लॉकेज दूर करना।

इनको दूर करने के उपाय

  1. पंप की priming करना तथा हवा के bend कॉक खोलकर बाहर निकलना।
  2. सक्शन लिफ्ट का काम होना।
  3. सक्शन लाइन की air लॉक को निकालना।
  4. सुक्शन लाइन की ब्लॉकिंग को दूर करना।

पंप का बहुत ज्यादा आवाज करना

  1. घिसा हुआ bearing व valve misalignment।
  2. स्पीड का ज्यादा होना।

इनको दूर करने के उपाय

  • बेअरिंग व वाल्व को चेक करनातथा जरूरत पड़ने पर बदलना।
  • एलाइनमेंट को सही करना।
  • पंप का एक लाइन में संरेखण करना।
  • स्पीड की मैन चैन चेक करना।

पंप का बहुत ज्यादा हिलना

  1. Misalignment सही करना।
  2. पाइप का छोटा होना
  3. तरल पदार्थ में हवा का न होना।
  4. स्पीड का ज्यादा होना।

इनको दूर करने के उपाय

  1. Alignment को ठीक करना।
  2. एयर lock बंद करना।
  3. टूटी हुई वाल्व को बदलना।

डिसचार्ज प्रेशर  के कम होने के कारण

  1. हवा का लॉक होना।
  2. खराब वॉल्व का होना।
  3. वाल्व का tite होना।
  4. ग्लैंड पैकिंग का tite होना।
  5. Lift का बहूत ज्यादा होना।

इनको दूर करने के उपाय

  1. सक्शन पाइप व footvalve की हवा के लॉक करने के लिए चेक करना।
  2. वाल्व व वाल्व शीट को चेक करनाऔर ज़्यादा खराब होने पर बदलना।
  3. ग्लैंड पैकिंग को ढीला करना।
  4. सक्शन लिफ्ट को कम करना।

Thursday, January 17, 2019

Pump heating

सेंट्रिफुगल पंप में आने वाले दोष

4. पंप के अत्यधिक गर्म होने के कारण

  1. बेयरिंग का अधिक टाइट होना।
  2. तरल पदार्थ की बिस्कोसिटी का बहुत ज्यादा होना।
  3. लुब्रिकेंट की कमी।
  4. लुब्रिकेंट आयल की बिस्कोसिटी का काम होना।
  5. पंप की अत्यधिक स्पीड होना।

इन दोषों को दूर करने के उपाय

  1. बियरिंग की लुब्रिकेशन का न होना।
  2. Alignment फिटनेस को चैक करना।
  3. तरल पदार्थ की बिस्कोसिटी कम करना।
  4. जिन पदार्थों को तेल आदि की जरूरत हो उन्को लुब्रिकेंट करना।

5. पंप का बहुत ज्यादा हिलना या आवाज करना

  1. पंप को सही ढंग से असेम्बल न करना।
  2. पंप के इम्पेलर का unbalance होना।
  3. ग्रीस की कमी होना या ग्रीस को सही ढंग से न डालना।
  4. शाफ़्ट का टेड़ा मेड़ा होना व खराब बियरिंग को  फिट करना।
  5. पंप के प्राइम मूवर की alignment का आउट होना।

इनको सही करने के तरीके

  1. पंप को सही ढंग से असेम्बल करना ।
  2. पंप में बेलैंसड़ इम्पेलर फिट करना।
  3. पंप में ग्रीस की कमी को पूरा करना या समय समय पर ग्रीस करना ।
  4. शाफ़्ट को बदल देना तथा सही बेयरिंग को फिट करना।
  5. फाउंडेशन के nut व बोल्ट को सही टाइट करना ।
  6. पंप तथा प्राइम मूवर की शाफ़्ट की alignment को सही ढंग से करना।

6.  पंप के पार्ट के ज्यादा हिलने के कारण

  1. कपलिंग का ज्यादा हिलना तथा ढीला होना।
  2. किसी भी पार्ट का टूटना या घिसा हुआ होना।
  3. पार्ट के साथ लुब्रीकेंट या स्नेहन का न होना।
  4. पार्ट के स्टड, बोल्ट एवं नट का  ढीला होना।
  5. पंप के पार्ट के बीच किसि धातु का न होना।

इनको दुर करने के उपाय

  1. कपलिंग को सही ढंग से फिट तथा टाइट करना।
  2. पार्ट को बदल देना।
  3. पार्ट के बीच लुब्रिकेंट को डालना या लुब्रिकेशन करना।
  4. पार्ट को स्टड बोल्ट एवं नट को टाइट करना।
  5. पंप के पार्ट के बीच में धातु को डालना।

7. पंप में ओवर लोड होने के कारण

  1. डिस्चार्ज हैड का कम होना।
  2. Misalignment होना।
  3. पैकिंग या ग्लैंड पैकिंग के मटीरियल का ज्यादा होना।

इनको दूर करने के उपाय

  1. डिस्चार्ज हेड को बढ़ाना।
  2. Alignment ठीक करना।
  3. ग्लैंड पेककिंग को ज्यादा टाइट करना उसे सही करना।
  4. ग्लैंड पैकिंग सही करते समय उसे हाथ से घुमाकर देख लेना चाहिए।

Wednesday, January 9, 2019

Fault during running of Centrifugal pump

अपकेद्रीय पम्प को चलाते समय आने वाले दोष क्या है ।इन दोषों के कारण तथा इन दोषों को दूर करने के तरीकों और ऊपाय। fault of during running of centrifugal pump. cause and solved these issue .

अपकेद्रीय पम्प में आने वाले दोष


  1. पम्प का न घुमना।
  2. पम्प का सक्शन न लेना।
  3. पम्प का डीस्चार्ज न होना या कम होना।
  4. पम्प का अत्यधिक गर्म होना।
  5. पम्प का बहुत ज्यादा हिलना या आवाज करना।
  6. पम्प के पार्ट का हिलना।
  7. पम्प का चलाते समय ओवर लोड होना।

Centrifugal pump dismental 

1.    पम्प के न घुमने के कारण the cause of not rotating pump

  1. प्राइम मूवर या डराईबर का न चलना।
  2. शाफ्ट की चाबी का घीसना या टूटना।
  3. इम्पेलर का लाक होना।
  4. पम्प के बीयरिंग में कपडा,लकड़ी या दूसरी छोटी छोटी चीजों का फसना।
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  5. ग्लैंड पेकींग का ज्यादा टाइट होना।
  6. इम्पेलर का सही एडजेस्ट न होना।
  7. बीयरींग की शाफ्ट का ज्यादा टाइट होना।
  8. कपलिंग फाल्ट होना।

पम्प के न घुमने कारणों तथा पम्प मे आने वाले दोषों का निवारण

  1. बिजली की सप्लाई चैक करना।
  2. शाफ्ट की चाबी को बदलना।
  3. इम्पेलर में फसी मीटटी,कपडा, लकडी को बाहर निकालना।
  4. पम्प के अंदर केसिंग, बीयरींग मे फसी हुई लकडी को निकालना।
  5. पैकिंग को खोलना पम्प के इम्पेलर को सही ढंग से कसना तथा एडजस्ट करो।
  6. बीयरींग को सही तरीके से शाफ्ट के अंदर सही फिटींग चैक करना।
  7. कपलिंग फाल्ट को चेक करना।

2.     पम्प का सक्शन न लेना do not suction by the pump it's cause 

  1. सक्शन पाइप या वाल्व का बंद होना।
  2. सक्शन स्टेनर का चौक होना।
  3. सक्शन साइड से हवा का लीक होना।
  4. पम्प के इम्पेलर का घीसा हुआ होना।
  5. सक्शन लीफ्ट का ऊंचा होना।
  6. पम्प की स्पीड का कम होना।

इनको दूर करने के उपाय

  1. सक्शन पाइप या वाल्व को खोलना।
  2. सक्शन स्टेनर को खोलना या साफ करना।
  3. सक्शन लाइन में हवा की लीकेज को चैक करना।
  4. इम्पेलर को चैक करना कि वह घीसा हुआ तो नहीं है यदि घीसा है तो उसे तुरंत बदलना चाहिए।
  5. सक्शन लीफ्ट को जरूरत के अनुसार चैक करना।
  6. पम्म की स्पीड एवं आर पी एम चैक करना।
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पम्प के डीस्चार्ज न होने के कारण

  1. प्राइमींग की कमी।
  2. सक्शन लीफ्ट का ज्यादा कसा हुआ होना।
  3. डीस्चार्ज हैड का बहुत ज्यादा होना।
  4. पम्प की स्पीड का कम होना।
  5. पम्प का लौक होना।
  6. पम्प की दिशा का गलत घुमना।
  7. लाइन का लीक होना।

इन दोषों को दूर करने के उपाय

  1. सभी बंद चौक को खोलना।
  2. पम्प की सक्शन लाइन में तरल पदार्थ भरना।
  3. डीस्चार्ज हैड कम करना।
  4. पम्प की स्पीड को बढाना।
  5. पम्प की लीकेज को दूर करना।
  6. पम्प की दीशा को सही दिशा में ठीक करना।
  7. पम्प की लाइन की लीकेज को ठीक करना।

3.   पम्प का डीस्चार्ज न करना

  1. पम्प की घुमने की दिशा सही करना।
  2. द्रव्य की लेवल का कम होना।
  3. स्टेनर का लौक होना।
  4. इम्पेलर का घीसना या टूट जाना।
  5. रीलिज वाल्व का ठीक ढंग से सेट न होना।
  6. पम्प की स्पीड अधिक या कम होना।
  7. गलत साइज के पम्प का प्रयोग होना।
  8. घूमने की दिशा का कम होना।

इसका निवारण या उपाय

  1. सक्शन लाइन में गेस्केट ,ग्लैंड पेकींग को बदलना।
  2. एअर लौक को बंद करना।
  3. द्रव्य की लेवल को ठीक करना।
  4. स्टेनर को साफ करना।
  5. इम्पेलर की क्लीननेस को चैक करना।
  6. रीलीज वाल्व को सही तरीके से एडजेस्ट करना।
  7. पम्प की स्पीड को बराबर करना।
  8. पम्प की चलने की दिशा को सही करना।

Impeller and liquid suction process

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Monday, January 7, 2019

Submersible pump

सबमर्सिबल पम्प क्या है what is Submersible pump?सबमर्सिबल पम्प के सिध्दांत working principle of submersible pump |सबमर्सिबल पम्प की बनावट और कार्य विधि design and working mathod of submersible pump

Introduction of submersible pump:-
यह एक multistage centrifugal pump होता है।जिसमें एक सवमरसीबल मोटर जोडी हुई होती है जिससे कि यह एक पूरी यूनिट बन जाती है।जैसा कि नाम से ही प्रतीत होता है कि इस पम्प की मोटर के साथ पानी के अंदर आवश्यकता के अनुसार डुबोया जाता है।इस पम्प का नाम सबमर्सिबल मोटर के नाम से पडा हुआ है।जो यूनिट पम्प व मोटर से बनी हुई होती है और पानी के अंदर डुबी हुई होती है उसे सबमर्सिबल पम्प कहते हैं।
2 hp submersible pump

सबमर्सिबल पम्प के सिध्दांत principle of submersible pump

यह पम्प की एक अपकेद्रीय बल के सिध्दांत पर कार्य करता है।जब किसी वस्तु को तेजी से घुमाया जाता है तो वह वस्तु अपने अक्ष से बाहर की तरफ उडना शुरू कर देती है।घुमती हुई वस्तु को अपने अक्ष से बाहर की तरफ जाने की क्रिया को अपकेद्रीय बल कहते हैं।जब सबमर्सिबल की शाफ्ट घुमती है इसके ऊपर फिट किए हुए इम्पेलर उसी गति से घुमते हैं।
Submersible pump


पम्प के अंदर उपस्थित तरल पदार्थ को अपकेद्रीय बल की वजह से घुमाता है।और पहला इम्पेलर दूसरे इम्पेलर को डीस्चार्ज करके द्रव्य भेजता है और वह दूसरे इम्पेलर का सक्शन बनता है।अपकेद्रीय बल की.वजह से द्रव्य बाहर की तरफ डीस्चार्ज होता है।फिर तरल द्रव्य की जगह पर वैक्यूम पैदा होता है।तथा और तरल पदार्थ वहां पर भर जाता है क्योंकि पानी उस जगह से संक कर दिया जाता है।क्योंकि सबमर्सिबल पम्प पानी में डुबा हुआ होता है।

सबमर्सिबल पम्प की बनावट design of submersible pump

इस पम्प में स्टेनलेस स्टील की केसिंग के अंदर एक शाफ्ट होती है इस शाफ्ट के ऊपर दो या दो से अधिक मांऊट इम्पेलर फिट किए हुए होते हैं।पम्प के नीचले सीरे पर मोटर मांऊट होती है।मोटर की वांइडींग वाटर टाइट स्टेनलेस स्टील की केसिंग के अंदर बंद की होती है।इस पम्प की मोटर का डीजाइन ऐसा बनाया हुआ होता है कि यह पानी में भी चल सके।स्नेहन या lubricant ion. के रूप में पानी या तेल का प्रयोग किया जाता है।इसे एक वाटर प्रूफ केवल या तार से मोटर को पावर दी जाती है उस वायर को सुरक्षित रखने के लिए एक वायर कवर लगाया जाता है।पम्प व मोटर की शाफ्ट को ज्यादातर मफ कपलिंग से जोडा जाता है।

सबमर्सिबल पम्प की कार्य विधि working mathod of submersible pump

जब पम्प को पावर दी जाती है तो पहले से ही पानी के अंदर डुबा हुआ होने के कारण पम्प का नीचे से पहले वाला इम्पेलर सक्शन लेकर उससे ऊपर वाला इम्पेलर पहले वाले इम्पेलर का डीस्चार्ज दूसरे इम्पेलर का सक्शन बन जाता है।और उसके ऊपर वाले पम्प का सक्शन बनता है और अंतिम इम्पेलर का डीस्चार्ज डीस्चार्ज लाइन में चला जाता है।इस पम्प का सक्शन टैंक में उतारने के लिए लिफटिंग टेकल का प्रयोग करके और पाइपों को एक एक फिट करके सक्शन टैंक में फिट किया जाता है।





Saturday, January 5, 2019

What is Impeller and footvalve

इम्पेलर क्या है What is impeller?इम्पेलर के प्रकार types of impeller|impeller ring|फुटवाल्व क्या है what is foot valve ?

पम्प केसिंग के बीच फिट की हुई शाफ्ट के ऊपर एक गोल पहीए के आकार का होता है उसे इम्पेलर कहते हैं।इम्पेलर पम्प केसिंग के अंदर तरल पदार्थ को  घुमाता है घुमाने के कारण द्रव्य मेंं निरवात पैदा कर देता है।इम्पेलर के निम्नलिखित भाग  होते हैं:-

इम्पेलर आई, वैन, स्रोड, हब।
Open impeller

इम्पेलर आई से द्रव्य इम्पेलर के अंदर की तरफ को आता है और वैन उसे घुमा कर सराड से होते हुए वल्यूट चेंबर की तरफ फेंकता रहता है और बाहर की तरफ को डीस्चार्ज होता है इस प्रकार जिस माध्यम से कार्य होता है उसे इम्पेलर कहते हैं।

इम्पेलर के प्रकार Types of impeller

इम्पेलर के मुख्य दो प्रकार होते हैं ओपन इम्पेलर और क्लोज इम्पेलर

  1. Open impeller:- ओपन इम्पेलर का प्रयोग उन तरल द्रव्यों को ऊठाने के लिए किया जाता है जिनमें मोटे तरल पदार्थ जैसे कीचड़ या दूसरे तरल पदार्थ पाए जाते हैं।उन्हें ऊठाने के लिए खुले इम्पेलर का प्रयोग किया जाता है खुले इम्पेलर से भारी प्रेशर नहीं मील पाता है।
  2. Close impeller:- क्लोज इम्पेलर का प्रयोग ज्यादातर पतले द्रव्य को उठाने के लिए किया जाता है इससे ज्यादातर पतले द्रव्य उठाए जाते हैं।क्लोज इम्पेलर मे ज्यादा प्रेशर बनता है या ज्यादा प्रेशर देने की क्षमता है।
Closed impeller

इम्पेलर रींग किसे कहते हैं what is impeller ring?

 वल्यूट या केसिंग के ऊपर इम्पेलर रींग फिट किया जाता है।यदि शाफ्ट को सहारा देने के लिए बीयरिंग खराब हो जाता है तो इम्पेलर की समानांतरता alignment out हो जाती है जिसके कारण इम्पेलर या वल्यूट या केसिंग खराब हो जाती है एसी स्थिति में इम्पेलर के केसिंग को टच होने के कारण बचाव के लिए इम्पेलर रींग फिट की जाती है।जिससे रींगस ही खराब होती है इम्पेलर और केसिंग खराब होने से बच जाते हैं।बाद में इम्पेलर व शाफ्ट के alignment ठीक करने के बाद इम्पेलर रींग को ही बदला जाता है।

                  फुटवाल्व footvalve

फुटवाल्व क्या है what is footvalve ?

फुटवाल्व एक one way or NRV (non return valve)होते हैं।जो कि सक्शन पाइप के मुंह के ऊपर फिट किए जाते हैं फुटवाल्व सक्शन टैंक केअंदर तरल पदार्थ में सक्शन पाइप के ऊपर फिट किए जाते हैं।
Yash
Footvalve

फुटवाल्व की कार्य विधि working rathod of footvalve 

जब पम्प चलता है तो फुटवाल्व पर लगा फ्लैप पम्प की सकींग प्रभाव द्वारा खुल जाता है और तरल पदार्थ को पम्प की तरफ आने देता है।और जब पम्प बंद कर दिया जाता है तो फुटवाल्व की फ्लेप अपनी जगह पर बैठ जाती है तथा पम्प केसिंग से लेकर फुटवाल्व तक तरल द्रव्य  रूकता है।दूसरी बार जब पम्प को दोबारा से चलाया जाता है तो उस रूके हुए तरल द्रव्य की बजह से पम्प मेंं प्राइमींग की आवश्यकता नहीं पडती है।फुटवाल्व का कार्य मुख्यतः पम्प को बार बार प्राइमींग करने से बचाने का होता है।


Thursday, January 3, 2019

Principle of Centrifugal pumps and centrifugal pump design ,working mathod of centrifugal pump , centrifugal pump in parallel and series

अपकेद्रीय पम्प के सिध्दांत Principle of centrifugal pump and अपकेद्रीय पम्प की बनावट design of centrifugal pump अपकेद्रीय पम्प की कार्य विधि working mathod of centrifugal pump अपकेद्रीय पम्प समानांतर और सीरीज में explain centrifugal pump in parallel and series

अपकेद्रीय पम्प के सिध्दांतCentrifugal pump:-      

अपकेद्रीय पम्प centrifugal pump "अपकेद्रीय बलोंcentrifugal forces"  के सिद्धांत पर कार्य करता है।जब किसी वस्तु को तेजी से घुमाया जाता है तो वह वस्तु अपने अक्ष सेबाहर की ओर जाने या उडने की कोशिश करती है।घुमती हुई वस्तु अपने अक्ष से बाहर की ओर जाने की क्रिया को अपकेद्रीय बल(centrifugal force) कहते हैं।
Know about Rotary-pump
अपकेद्रीय पम्प centrifugal pump तरल द्रव्य कोनीचे से ऊपर ऊठाने के लिए अपकेद्रीय बल centrifugal force का उपयोग करता है और दबाव के अंदर बाहर की तरफ को फैंकता है।

Centrifugal pump

अपकेद्रीय पम्प की बनावट centrifugal pump design

साधारण प्रकार के अपकेद्रीय पम्प(centrifugal pump) में शाफ्ट के ऊपर एक गोल इम्पेलर फिट किया होता है।इम्पेलर को शाफ्ट के ऊपर इम्पेलर नट से लाक किया जाता है।लाक करने से पहले इम्पेलर को शाफ्ट के ऊपर चाबी व चाबी घाट से फिट किया जाता है इम्पेलर को केसिंग या हाऊसिंग या बाडी के अंदर फिट किया जाता है।पम्प की बाडी के साथ सक्शन व डीलीवरी वैन या पोर्ट लगे होते हैं।पम्प की शाफ्ट को सहारा देने के लिए बीयरिंग का प्रयोग किया जाता है।जहां पम्प की शाफ्ट केसिंग से बाहर निकलती है वहां पर बाहर से हवा अंदर न जाए तथा अंदर से तरल पदार्थ लीक न करें वहां पर एक बाक्स बनाया जाता है।ऊसे स्टफिंग बाक्स कहते हैं।जिसमें ग्लेंड पैकिंग की जाती है ताकि बाहर से हवा अंदर न जाए तथा अंदर से तरल पदार्थ लीक न करें।सक्शन व डिस्चार्ज फ्लैंज में दबाव को मापने के लिए प्रेशर गैज फिट की जाती है। Reciprocating-pump

अपकेद्रीय पम्प की कार्य विधि Working method of centrifugal pump 

जब अपकेद्रीय पम्प centrifugal pump की शाफ्ट को घुमाया जाता है तो ऊसके ऊपर फिट किया हुआ इम्पेलर भी तेजी से घुमता है इस गति के कारण बहुत ज्यादा गति प्राप्त होती है तथा इम्पेलर वैन की सहायता से केन्द्र से तरल द्रव्य को ऊठाता है।केसिंग मे अपकेद्रीय बल centrifugal force  की वजह से तरल द्रव्य को बाहर की तरफ फैंकता है और डीस्चार्ज होता है।जब तरल पदार्थ केन्द्र से या इम्पेलर आई से बाहर की तरफ फैंका जाता है तो केन्द्र पर निरवात पैदा होता है जिसकी वजह से और तरल पदार्थ अंदर आता रहता है और इम्पेलर के द्वारा घुमाया जाता है।और बाहर की तरफ को डीस्चार्ज हो जाता है इस प्रकार अपकेद्रीय पम्प centrifugal pump कार्य करता है।
       पम्प चलाने के लिए प्राइम मूवर प्रायः मोटर या इंजन होते हैं।centrifugal pump  या अपकेद्रीय पम्प का प्रयोग निम्नलिखित प्रकार के द्रव्य को पम्प करने के लिए किया जाता है तथा इसका प्रयोग निम्न प्रकार के द्रव्य व जगहों पर किया जाता है :-
  1. Water supply 
  2. Sump pump 
  3.  washing machine 
  4. milk colours             About PUMPS
  5. hot water
  6. Circulation pump
  7. Air conditioning equipment

अपकेद्रीय पम्प समानांतर स्थिति और सीरीज में Centeifugal pump in parallel and series position

अपकेद्रीय पम्प समानांतर Centrifugal pump in parallel:- 

अपकेद्रीय पम्प को समानांतर स्थिति में इस तरह से जोडा जाता है जैसे सेट न0 1, 2, 3 फिट किया जाता है पम्पों को इस तरह जोडऩे से यह लाभ होता है कि जब एक पम्प चलता है तो तब दूसरा पम्प बंद रहता है।और जब दूसरा पम्प चलता है तो पहले वाला पम्प बंद रहता है।जिससे यह लाभ होता है

Centrifugal pump parallel position


कि न ही घर्षण के कारण व गर्मी के कारण पम्प जल्दी खराब नहीं होते।समानांतर स्थिति में पमपों की सक्शन पाइपें अलग अलग सक्शन टैंक के अंदर फिट की जाती है और डीस्चार्ज लाइन को एक लाइन में जोड़ दिया जाता है।जब एक पम्प को चलाया जाता है तब उसके गेट वाल्व और नान रीटर्न वाल्व खुले रहते हैं और डीस्चार्ज होता रहता है।तब दूसरे पम्प के NRV व गेट वाल्व बंद रहते है।पमपों को समानांतर फिट किया जाता है इन पमपों को प्राइम मूवर अलग अलग होते हैं।इस तरह फिट किए हुए पमपों को parallel fiting of pump कहा जाता है।

अपकेद्रीय पम्प सीरीज में centrifugal pump in series

सीरीज में पमपों को इसलिए फिट किया जाता है क्योंकि सीरीज में पमपों को फिट करने से डबल हैड प्राप्त होता है।सीरीज में एक पम्प में सक्शन लाइन लगी हुई होती है और उसका डीस्चार्ज दूसरे का सक्शन होता है और दूसरे पम्प का डीस्चार्ज ,डीस्चार्ज लाइन में होता है।

Centrifugal pump in series


सीरीज में द्रव्य की मात्रा एक ही होती है।लेकिन इससे ज्यादा प्रेशर और ज्यादा डीस्चार्ज हैड प्रदान होता है।सीरीज में पमपों को 1,2,3 में जोडा हुआ होता है इन पमपों को प्राइम मूवर अलग अलग व एक प्राइम मूवर लगाए हुए होते हैं।





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Have 






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