Monday, December 24, 2018

Valve

वाल्व  क्या है what is valve? वाल्व के प्रकार types of valve 


Q.1 वालव किसे कहते हैं?
यह पाइप सिस्टम या मशीनरी में प्रयोग किए जाने वाला यंत्र है यह पाइप सिस्टम के दो हिस्सो को जोड़ने के लिए या आइसोलेट करने के लिए प्रयोग किया जाता है।
Q.2 वाल्व कितने प्रकार के होते हैं?
बालव निम्नलिखित प्रकार के होते हैं
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  1. स्टार्ट flow valve
  2. Back flow valve
  3. दवाव  को रेगुलेटर करने वाला वाल्व
  4. Pressure relief valve

1. Start flow valve:- 

इस वाल्व की मुख्य विशेषता यह है कि जब यह खुल जाता है तो तरल प्राय बहने में कम से कम बाधा डालता है यह दबाव में भी कम हानि करता है।

2. Back flow को रोकने वाला वॉलव:-

इस प्रकार के वॉलव तरल द्रव्य के बहाव से खुल जाता है और तरल द्रव्य को उल्टी दिशा की ओर बहने की स्थिति में बंद हो जाता है इस प्रकार के वाल्व को चेक वाल्व कहते है।

3. बहाव को रोकने वाला वाल्व :-

इस प्रकार के वॉल्व में बहाव को रेगुलेटर करने के लिए इस तरह बाधा उत्पन्न की जाती है या तो तरल द्रव्य  जैसे बहाव की दिशा को बढ़ाकर  या बदल कर उत्पन्न करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

4. दबाव को रेगुलेटर करने वाला वाल्व:-

यह वाल्व दवाब या लाइन के दबाव को कम करके उनको ऊर्जा दवाब पर रखने के लिए प्रयोग किया जाता है यदि लाइन का दबाव कम या ज्यादा हो तो वाल्व सर्विस दबाव को उतना ही रखते हैं।

5. Pressure relief valve:-

इसका प्रयोग जहां पर सिस्टम में है बहुत ज्यादा प्रेशर या दबाव नुकसान कर सकता है इस प्रकार के वॉलव प्रायः   स्प्रिंग लेटिड होते हैं यह तभी खुलता है जब दबाव उसकी दिशा में घूमता है जिस पर वाल्व को फिट किया जाता है।

प्रयोग के आधार पर वालव के प्रकार

  1. Gate valve:- इस प्रकार के वाल्वो को या तो पूरा खुला रखा जाता है जिससे यह कम से कम बाधा उत्पन्न कर सके या इसे पूरी तरह से बंद करना चाहिए इस तरह से इन न्वॉल्व का प्रयोग पंपिंग प्रेक्टिस के लिए किया जाता है।
  2. ग्लोब वाल्व:- यह स्क्रु turn वालव होता है इसकी बॉडी गोलाकार होती है इसका प्रयोग बहाव को रोकने के लिए किया जाता है जहां सिस्टम पूरी तरह से आइसोलेट की आवश्यकता होती है इसकी जाली में ग्राइंड रहता है जिस पर एक गोल शीट बैठती है।
  3. बॉल वाल्व :- इसका प्रयोग वहां होता है जहां तरल द्रव्य को स्वतंत्र रूप सेे बहने की आवश्यकता होती हैै इसमें  वाल्व एक जालि में  ग्राइंडर रहते हैं और एक वर्गाकार शीट पर बैठते हैं।
  4. प्लग वाल्व:- यह बालव बहुत ही साधारण प्रकार के होते हैं इसे cock भी कहा जाता  है interchangeability-limitfits-tollerance इस प्रकार के वॉलव में टेपर या समानअंतर प्रकार की शीट होती है प्राय पानी, गैस ,रासायनिक तरल द्रव्य सिस्टम में होता है इस प्रकार के वाल्व का मुख्य का भाग बॉडी प्लग व ऊपर की clemp होते हैं।
  5. डॉया फ्रेम :- इसका तरल प्राय मिलने में तरल द्रव्य को सफलता देता है इसमेंं daya फ्रेम होती है जो शीट पर बैठकर  तरल द्रव्य के बाहव को रोकती हैै इसका प्रयोग वहां  पर करते हैं जहां पर जंग व लीकेज वाल्व की maintenance के काबू मेंं लाने की आवश्यकता होती है।
  6.  वॉटर फ्लाई वॉलब:- इस प्रकार के वाल्व को 90° के flow को पूरी तरह खोलने व बंद करने के लिए प्रयोग किया जाता ।है।
  7. Needle valve:- इसमें स्टैंन नीडल के आकार की  तरह होती है कम प्रयास से बंद हो जाते हैं ते नोकदार निडल एकदम सही फिट हो जाती है इनका प्रयोग साधारणतया instruments guage मोटर लाइन में किया जाता है।
  8. Chek वाल्व :- यह बालव non-return बालव होते हैं इसे फुटबॉल में भी कहते हैं इसमें तरल द्रव्य का बहाव एक ही दिशा में होता है इसका प्रयोग वहां किया जाता है जहां तरल द्रव्य का बहाव उलटी दिशा में ना हो इसे सेफ्टी वाल्व भी कहा जाता है फुटबॉल का प्रयोग Steiner के साथ पंप की सक्शन पाइप के ऊपर किया जाता है जिससे पंप ki suction साइड में खाली होने से बचाया जाता है यदि फुटबॉलव का प्रयोग ना किया जाए तो पंप को स्टार्ट करते समय प्राईमिंग की आवश्यकता पड़ती है इस प्रकार के वाल्व में डिस्क लगी होती है जो तरल द्रव्य  के बहाव को रोकती है।

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