Friday, December 14, 2018

Parts of reciprocating pump

रिसिप्रोकेटिंग पंप के भाग  Describe the construction of power pump with its parts liquid end and power end

रिसिप्रोकेटिंग पंप के भाग निम्नलिखित होते हैं
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  1. Liquid end
  2. Power end

1 Liquid end

लिक्विड एंड में निम्नलिखित पार्ट होते हैं जिसमें सिलेंडर ,इंजन ,वाल्व, स्टाफिंग बॉक्स ,मैनीफोल्ड, सिलेंडर हैड
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  1. Silender:- सिलेंडर पंप कि वह बॉडी होती है जिसके अंदर प्रेशर पैदा होता है वह पिस्टन या  प्लूंजर की सहायता से प्रेशर पैदा करता है।
  2. Plunger:- plunger प्रेशर उत्पन्न करता है यह निकल स्टील का बना होता है प्लूंजर टाइप रिसिप्रोकेटिंग पंप वॉटर ऑयल , एसिड के पंप करने के लिए प्रयोग किया जाता है।
  3. Piston:- 200 पीएसआई तक पीसटन का प्रयोग किया जाता है तथा इसे अधिक प्रेशर के लिए प्लेनजर का प्रयोग किया जाता है पिस्टन सिलेंडर के अंदर मूव करता है।
  4. Stufing box :- स्टाफिंग बॉक्स में बॉक्स बुशिंग तथा ग्लैंड पैकिंग की जाती है जिससे तरल डब्बे की लीकेज को रोकने के लिए बनाया जाता है।
  5. Sylander Head or Liner:- सिलेंडर या लाइनर प्राय निकल बृष्टि धातुओं का बना होता है इसकी लंबाई पंप के स्ट्रोक से थोड़ी ज्यादा होती है।
  6. Valve:- वालु के मुख्य भाग शिट और प्लेट होते हैं वह स्प्रिंग के द्वारा चलते है।
  7. Manifold:- मैनीफोल्ड वह चेंबर होता है जिसका प्रयोग सिलेंडर से पहले या बाद में तरल द्रव्य को इकट्ठा करने को डिलीवरी करने में प्रयोग किया जाता है।

2. Power end 

Power एंड में भी निम्न लिखित पार्ट होते हैं क्रैंक शाफ्ट कनेक्टिंग रोड, बियरिंग,main bearing crank pin bearing ,lubrication

  1. Crank shaft:- crank Shaft पराया कास्ट आयरन स्टील कास्ट स्टील की बनी होती है इसका प्रयोग घूमने वाली गति को आगे पीछे वाली गति में परिवर्तित करने के लिए किया जाता है।
  2. Connecting road:-  कनेक्टिंग रोड, क्रैंक पीन की घूमने वाली को एस्लेटिंग फोर्स में बदलती हैं। कनेक्टिंग रोड forge steel or cast steel होती है।
  3. Bearing:- पावर पंप में स्लीव एंटी फ्रिक्शन बेयरिंग का प्रयोग किया जाता है इसलिए बियरिंग का प्रयोग केवल 40 आर पी एम तक किया जाता है इसे ज्यादा स्पीड होने के कारण इसके बीच में लुब्रिकेशन परत नहीं बन पाती इसलिए ज्यादा स्पीड होने के कारण स्लीव बेयरिंग का प्रयोग नहीं किया जाता है।
  4. Main bearing:- यह प्राय दो टुकड़ों में होते हैं यह पिस्टन वह plunger को बैलेंस कर लेते हैं यह बियरिंग ब्राउजर बैक्ड धातु के स्प्लिट बेयरिंग होते हैं।
  5. Crank pin Bearing:-  यह क्रैंक स्प्लिट टाइप के होते हैं क्रैंक पिन बियरिंग में रोलर बेयरिंग का भी प्रयोग किया जाता है गति वह भार के अनुसार ही क्रैंक पिन बियरिंग का प्रयोग किया जाता है।
  6. Lubrication:- साधारण लुब्रिकेशन सिंपलेक्स सिस्टम से की जाती है लुब्रिकेशन करने के लिए पंप भी लगा होता है इन सभी पार्ट्स को लुब्रिकेट करने के लिए इसमें पावर एंड में एक sunk बना होता है जिसके अंदर लुब्रिकेशन तेल डाला जाता है जिसे पावर एंड में लुब्रिकेशन की जाती है जब क्रैंक शाफ्ट चलती है तो वह लुब्रिकेशन को साथ में उठाती है और सभी पार्टस में स्नेहक पहुंच जाता है और स्नेहन होना शुरू हो जाता है स्नेहन को मापने के लिए पावर एंड में एक डिपस्टिक लगी होती है जिससे स्नेहन को कम ज्यादा माप लिया जाता है।


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