Thursday, December 20, 2018

Gear pump

गियर पंप  Gear pump गियर पंप की बनावट shap of gear pump   गियर पंप का कार्य working mathod of gear pump

गियर पंप दो प्रकार के होते हैं इंटरनल गियर पंप एंड एक्सटर्नल गियर पंप।
यह पंप 300 पीएसआई तक दवाब दे सकते हैं तथा तेल को पंप करने के लिए बहुत उपयोगी होता है यह साधारण तया धातुओं के बने होते हैं अतः तरल द्रव्यों के लिए इन पंपों का प्रयोग नहीं होता है क्योंकि इन पंपों के अंदर जंग लगने की आशंका होती है इन पंपों की क्षमता 90% से अधिक होती है।

What is counter sinking?

गियर पंप के बनावट

एक साधारण गियर पंप में एक ही साइज के व्यास के आपस में मेल खाकर चलने वाले दो स्पर्श गियर होते हैं यह गियर दोनों अलग-अलग स्पैंडल पर फिट किए जाते हैं जैसा कि बताया गया है 1 गियर को ड्राईवर गियर तथा दूसरे को ड्रिवन गियर कहा जाता है इन गियर को हाउसिंग या केसिंग के अंदर फिट किया जाता है इन पंपों को सीधे ही प्राइम मूवर के द्वारा या गियर के द्वारा शक्ति दी जाती है स्पर्श गियर की गति 600 आर पी एम तथा  डिस्चार्ज पेसर 1500 पी एस आई तक होती है।
How to work with tap?

गियर पंप के कार्य working method of gear pump

जब ड्राईवर गीयर को पावर देख कर घुमाया जाता है तो ड्रिवन गीयर भी ड्राइवर गीयर की विपरीत दिशा में घूमता है जिसकी वजह से पंपिंग एक्शन पैदा होता है दोनों की हाउसिंग के अंदर बिल्कुल साथ-साथ फिट किया जाता है तथा तेल को पेरा फेरी के साथ ले जाकर डिस्चार्ज कर देते हैं जैसा कि सवशन  साइड में गियर के दांतों का प्रत्येक जोड़ा आपस में मिलता है तो इस साइड का आयतन दोनों की दूरी के बराबर आयतन से घट जाता है जिसकी एक वजह से सक्शन का प्रवाह पैदा होता है जहां गियर के दांत आपस में मिलते हैं उस जगह पर फ्लूड फाइल ज्वाइंट बन जाता है
What is interchangeability ,limit,fits and tollerance?
सक्शन  साइड से आने वाला तेल दांतों के कट्स  के द्वारा बनाया जाता है तथा पेरा फेरी के साथ होता हुआ डिस्चार्ज से बाहर होता है गियर का प्रत्येक दांत एक रिसिप्रोकेटिंग पंप के plunger की तरह कार्य करता है जिसकी वजह से तरल द्रव्य का दवाब अंदर बहार भेजना शुरू कर देता है इस पंप के डिस्चार्ज साइड में एक स्प्रिंग लोडिंग स्लीव वॉल्व लगा होता है यह वाल्व पंप को क्षति से बचाता है यदि किसी वजह से डिस्चार्ज साइड में ब्लॉक आ जाती है तो सक्शन स्प्रिंग के विरुद्ध वाल्व खुल जाता है तथा तरल द्रव्य को दोबारा सक्शन  साइड में भेज देता है जिससे दबाव बढ़ने का पता चलता है तो उसे ठीक करने पर दबाव कम हो जाता है।और फिर वाल्व अपने आप बंद हो जाता है तथा तरल द्रव  फिर से सिस्टम मैं जाना शुरू कर देता है।


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