Tuesday, December 4, 2018

Bearing

वीयरिंग का परिचय Introduction of Bearing वीयरींग के प्रकार Types of Bearing  अच्छे वीयरींग की विशेषता Quality of good bearing वीयरींग फिट करना Method of Fitting वीयरींग लुब्रिकेंट Bearing Lubricant सुरक्षा सावधानियां Precautions

वर्कशॉप में पावर को परेशीत या ट्रासमीट करने के लिए मुख्य माध्यम शाफ्ट है। शाफ्ट के ऊपर ही कार्य के अनुसार पुली ,गियर ,कपलिंग और कैम आदि को फिट करके पावर को ट्रांसमीट कर दिया जाता है शाफ्ट को प्रयोग में लाते समय जिस माध्यम के द्वारा इसे पकड़ा जाता है या सहारा दिया जाता है उसे बियरिंग कहते हैं अतः मशीन या किसी उपकरण के घूमते हुए भाग को सहारा देने की अवस्था को बियरिंग कहते हैं इनके उपयोग से शाफ्ट एवं अन्य उपकरणों के घूमने वाले भाग सुगमता से स्वतंत्रता पूर्वक घूमते हैं बियरिंग के मुख्य उपयोग निम्न लिखित है:-

  1. शाफ्ट को सहारा देना।
  2. शाफ्ट को पकड़ना और गाइड करना ।
  3. गति के समय शाफ्ट की रगड़ से उत्पन्न हुई गर्मी को कम करना।
  4. स्मूथ एवं स्वतंत्र गति देते हुए पावर की बचत करना।

अच्छी बियरिंग की विशेषता quality of good bearing

  1. शाफ्ट के लिए आधार देने योग्य होनी चाहिए।
  2. घर्षण को कम करने वाली होनी चाहिए।
  3. शाफ्ट को सही स्थिति में है रखते हुए भार के विपरीत करने वाली होनी चाहिए।
  4. गति अधिक होने पर पार्ट को स्मूथ से घुमाने वाली होनी चाहिए।
  5. झटके व कंपन आदि को सहन करने वाली होनी चाहिए।
  6. अधिक गति पर घूमते हुए कम पावर वीयर करने वाली होनी चाहिए।
  7. कार्य की गति के लिए अवरोध ना करने वाली होनी चाहिए।

वीयरींग के प्रकार types of bearing

बियरिंग आकार, भार तथा डिजाइन के अनुसार कई प्रकार की होती है जिनमें मुख्यतः निम्न लिखित होते हैं:-
  1. आकार के अनुसार:- आकार केेे अनुसार वीयरींग को दो भागों में बांटा जाता है     1. चपटी वीयरींग ।                   2.   बेलनाकार वीयरींग
  2. भार के अनुसार:-            1.  अभिव्यक्त वीयरींग ।             2. पाद वीयरींग                3.  प्रणोद वीयरींग
  3. घर्षण के अनुसार:- घर्षण के अनुसार बियरिंग को दो भागों में बांटा जाता है
    1.घर्षण वीयरींग
    2. घर्षण रोधी वीयरींग 

वीयरींग किस धातु से बनाए जाते हैं

घर्षण bearing प्राय nonferrous धातु से बनाया जाता है जिनमें मुख्यतः निम्न लिखित है:-
पीतल, गन मेटल, कांसा, फास्फर, मैगनिज, श्वेत धातू, वेबिट धातु।

वियरींग को फिट करने की विधि 

  1. बियरिंग फिट करने से पहले शाफ्ट के व्यास में अलाउंस रखना चाहिए।
  2. छोटी माप वाली बियरिंग को शाफ्ट पर ड्राइव फिट करने के बाद फिर हाउसिंग को फोरस फिट करें।
  3. बड़ी माप वाली बियरिंग को सबसे पहले हाउसिंग में फिट करके फिर शाफ्ट के अलाइनमेंट में रखना चाहिए।
  4. bearing को फिट करते समय मुलायम हैमर का प्रयोग या रबड़ हैमर का प्रयोग करना चाहिए।
  5. लंबी और पतली शाफ्ट में तीन बियरिंग लगाएं बड़े साइज की शाफ्ट में दो बीयरींग  लगाने चाहिए।
  6. स्पीड व भार के अनुसार बेयरींग  का चुनाव करना चाहिए।

बियरिंग का लुब्रिकेशन lubrication of bearing

lubrication वीयरींग के भार व स्पीड पर निर्भर करते हैं अर्थात अधिक स्पीड पर मोटर लुब्रिकेंट जैसे ग्रीस और कम स्पीड पर पहला लुब्रिकेंट मुवलेल  का प्रयोग करते हैं लाभ यह है कि इस तरह के लुब्रिकेंट होने से घर्षण कम उत्पन्न होती है तथा गति में बढ़ावा  मिलता है तथा भाग आपस में कम घीसते हैं प्राय बियरिंग में ऑयल रिंग सिस्टम (oil ring system)तथा ग्रुव फोरस सिस्टम(grove force system) प्रयोग किए जाते हैं।

बियरिंग को लगाते समय बरती जाने वाली सुरक्षा सावधानियां

  1. जहां बियरिंग फिट करनी हो वह स्थान लेवल में जांच लेना चाहिए।
  2. बियरिंग को फिट करते समय उचित अलाइनमेंट व  परीशुद्धता से जांच लेनी चाहिए।
  3. बियरिंग का लुब्रिकेंट समय समय पर जांचते रहना चाहिए।
  4. बियरिंग को फिट करते समय नरम धातु के हैमर का प्रयोग करना चाहिए।
  5. बियरिंग को फिट करने से पहले शाफ्ट व हाउसिंग के नाप की जांच करनी चाहिए।

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