Monday, November 19, 2018

Scrapers and keyway

स्क्रेपर क्या है What is scraper? स्क्रेपर के प्रकार  Types of scraper? विधी Mathod of scraping and सुरक्षा सावधानियां precautions to be used

कीवे क्या है What is key or keyway?


मशीन के कुछ पार्ट  ऐसे होते हैं जिनकी सरफेस को अधिक शुद्धता में बनाना पड़ता है चाहे वह सरफेस भीतरी हो या बाहरी इन पार्ट को जब फिलिंग, मशीनिंग, ग्राइंडिंग क्रियाओं के द्वारा बनाया जाता है तो इनकी सरफेस पर कुछ नीचे दबे रह जाते हैं जो कि साधारण से आंखों से दिखाई नहीं पड़ते यदि इन ऊंचे धब्बों को ना हटाया जाए तो यह मशीन की चाल में कुछ रुकावट डाल सकते हैं इसलिए पार्ट्स को व मशीन को खराब  होने से बचाने के लिए स्क्रैपर के द्वारा उन दोनों को निकाला जाता है स्क्रैपर प्राय  टूल स्टील से बनाए जाते हैं और इनकी कर्तन धार को हार्ड एवं टेंपर कर दिया जाता है प्रयोग की आवश्यकता के अनुसार इन्हें विभिन्न आकृतियों एवं आकारों में बनाया जाता है तथा इनकी कुछ प्रमुख किस्में निम्नलिखित प्रकार की होती है:-

Scrapers


  1. Flate scraper
  2. Hook scraper
  3. Traingular scraper
  4. Half round scraper
  5. Double Handle scraper

स्क्रेपींग करने की विधि (Mathod of scraping)

स्क्रैपर का प्रयोग बहुत ही बारीक कमियों को दूर करने के लिए किया जाता है जबकि अर्थात चौरस सतहों  कि स्क्रैपर करते समय  उस सतह के ऊंचे धब्बों को प्राप्त करने के लिए सरफेस प्लेट की सहायता ली जाती है पहले सरफेस प्लेट पर सिंदुर या नील की बहुत पतली परत उंगलियों के सहारे चढ़ा देनी चाहिए फिर जॉब की स्क्रेपर की जाने वाली सतह को सरफेस प्लेट को ही उस पर रखना चाहिए यदि जॉब बहुत भारी हो तो सरफेस प्लेट को ही उस पर रखना चाहिए। रगडने  के बाद जॉब की सतह पर जहां-जहां रंग लगे वह सतह का ऊंचा स्थान समझना चाहिए और चपटे स्क्रेपर से खुर्च  देना चाहिए स्क्रैपर करने के लिए छोटे जॉब को वॉइस से मजबूती से पकड़ना चाहिए स्क्रैपर करने के लिए दाहिने हाथ से स्क्रैपर का हत्था पकड़ना तथा बाएं हाथ को स्क्रैपर पर उसकी कर कंधार से कुछ ऊपर रखना चाहिए स्क्रेपिंग करते इसमें स्क्रैपर को जॉब किस सतह के साथ 30 डिग्री के कोण पर रखना चाहिए।

फ्लेट स्क्रेपर से धार लगाना

लगातार प्रयोग करने के बाद स्क्रैपर की कर्तन धार कुछ घीस जाती है तो उसके खुरचने की क्षमता कम हो जाती है जिससे स्क्रैपर अपना कार्य ठीक से नहीं कर पाता इसी कारण से स्क्रैपर को कर्तन किनारे पर धार लगाने की आवश्यकता पड़ती है धार लगाने के लिए फ्लैट स्क्रैपर की कर्तन धार सिरे को थोड़ा गोलाई में घीस  दिया जाता है। इसके बाद कर्तन सिरे को ऑयल स्टोन पर रगड़ कर धार को फिनिश कर दिया जाता है इस प्रकार धार लगाने के बाद स्क्रैपर द्वारा कार्य करने  के योग्य हो जाता है।
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स्क्रैपर का प्रयोग करने पर बरती जाने वाली सुरक्षा सावधानियां

  1. सरफेस प्लेट को अच्छी तरह से साफ कर लेना चाहिए फिर उस पर सिंदुर या नील की पतली परत लगानी चाहिए।
  2. स्क्रेपिंग प्रारंभ करने से पहले हाथों को अच्छी तरह से साफ कर लेना चाहिए हाथ पर तेल या ग्रीस नहीं लगाना चाहिए।
  3. सर फेसिंग करते समय जॉब की तरह को हाथ से पोंछना या रगडना नहीं चाहिए।
  4. स्क्रेपिंग करते समय हाथ को जॉब किस सतह के ऊपर रखना चाहिए।
  5. सर्फिंग करते समय स्क्रैपर पर अधिक दबाव नहीं लगाना चाहिए।
  6. साधारणतः 0.1 2mm से अधिक धातु को स्क्रेपिंग नहीं करनी चाहिए।

की या की वे  Key or keyway

एक पार्ट से दूसरे की पार्ट को पावर संचारित करने के लिए अर्थात गति देने के लिए हब या शाफ्ट के ऊपर पुली गियर इंपैलर व दूसरे पार्टस कों लगाने के लिए इनके बीच में चाबी फिट की जाती है जिससे दोनों पार्ट जुड़कर  एक हो जाते हैं यह स्टील की बनी होती है और शाफ्ट की अक्षिय रेखा के  समान अंतर फिट की जाती है इसका साइज शाफ्ट के साइज पर आधारित होता है यह जिस ग्रुव में फिट की जाती है उसे कि वे (keyway) कहते हैं प्राय खांचे की आधी गहराई हब में और शेष आधि गहराई शाफ्ट में काटी जाती है इस प्रकार चाबी फिट करने से शाफ्ट और पुली, गियर एक साथ घूम सकते हैं चाबियां भी एक स्थाई फास्टनेस है इन्हें मुख्यतः निम्नलिखित दो भागों में बांटा जाता है:-
1 संक की (sunk key)
2 सेडल की (saddle key)
1 Sunk key:-  इस प्रकार की चाबी को फिट करने के लिए शाफ्ट और हब में  कि वे बनाने की आवश्यकता होती है।
2 Saddle key:-  इस प्रकार की की को फिट करने के लिए केवल हब में चाबी खांचा बनाया जाता है शाफ्ट पर कोई खांचा नहीं काटते।

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What is keyway?

चाबी खांचा शाफ्ट पर और हब के बीच के अक्ष के एक समानांतर चाबी को फिट करने के लिए जो ग्रुव बनाया जाता है उसे चाबी खांचा कहते हैं चाबी खांचा बनाने के लिए साइज के अनुसार मार्किंग की जाती है मार्किंग करने के लिए किसी रुल या बॉक्स स्क्वेअर का प्रयोग किया जाता है।
चाबी खांचा  हैंड और मशीन विधि से बनाए जाते हैं।
File रेती

कि को फिट करना या रिमूव करना

शाफ्ट और पुलि या गियर आदि पर सही साइज का चाबी खांचा बनाने के बाद चाबी को फिट किया जाता है चाबी को हाथ से दबाव लगाकर या हथोड़े की हल्की चोट लगा कर फिट करना चाहिए कभी-कभी शाफ्ट से पूली गियर या भील आदि को बदलने की आवश्यकता पड़ती है जिससे चाबी को भी निकालना पड़ता है इसलिए चाबी को निकालने के लिए की ड्रिफ्ट का प्रयोग किया जाता है यदि चाबी अपने चाबी खांचे में ही जाम हो जाए तो शाफ्ट से पुली गीयर या भील और इंपैलर आदि को अलग करने के लिए ब्हीलपुलर का प्रयोग किया जाता है।

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