Saturday, November 3, 2018

Drill machine

What is Drill machine And drilling? वर्मा क्या है ? How it work carefully? And types of Drill


  Drill and drilling बर्मा मशीन पर कार्य खंड पकड़ने की क्रिया वर्क हैंडलिंग डिवाइस ऑन ड्रिलिंग मशीन ड्रिलिंग क्रिया के समय कार्य खंड पर ड्रिल को घुमाने वाले बल कार्य करते हैं इन बलों का मान उस समय होता है  जब की ड्रिल का बिंदु किए जा रहे क्षेत्र से बाहर आने को होता है अतः इन बलों को निष्प्रभावी करने के लिए कार्य खंडों को डरील मशीन को गैस पर ड्रिलिंग को बांधने की आवश्यकता पड़ती है जॉब को ढीला बांधने या हाथ से पकने पर बहुत खतरनाक परिणाम होते हैं क्योंकि टार्क के कारण जॉब घूमकर गंभीर चोट पहुंचा सकता है जॉब को ड्रिलिंग मशीन को मजबूती से बांधने के लिए अधिकतर निम्नलिखित युक्तियां  प्रयोग की जाती है:-
Drill machine


  1. वाईस
  2. कोण प्लेट
  3. वी ब्लॉक
  4. टी कार्बन 
  5. क्लेंम्प
  6. पौडीदार ब्लाॅक
  7. टूल डीवाईस 

Drill डीॄल या वर्मा

Drill कटिंग टूल है जिसके प्रयोग से गोला कार के छेद बनाए जाते हैं जिसका प्रयोग ड्रिल मशीन की सहायता से किया जाता है जिस क्रिया के द्वारा  डीरल और ड्रिलिंग मशीन से गोल सुराग बनाए जाते हैं उसे ड्रिलिंग कहते हैं। ड्रिलिंग वह मशीनिंग प्रक्रिया है जिसके द्वारा जिस ठोस पदार्थ में टुल तथा कार्य में से किसी एक को घुमाव गति तथा कटिंग टूल के अक्षिय गति देते हुए drilling क्रिया ड्रिलिंग मशीन पर की जाती है जिसके विपरीत कार्य खंडों के घुमाव गति और कटिंग टूल को अरक्षित गति देते हुए drilling क्रिया लेथ मशीन पर की जाती है ड्रिलिंग ऑपरेशन में प्रयोग होने वाले कटिंग टूल को ड्रिल वर्मा कहते हैं।
Drill high carbon steel or high speed carbon से बनाए जाते हैं हाई कार्बन स्टील के drill मुलायम धातु के लिए और हाई स्पीड स्टील के drill कठोर धातु के लिए  कारबन टिप वाले बर्मे  प्रयोग किए जाते हैं कार्य के अनुसार निम्नलिखित प्रकार के ड्रिल प्रयोग में लाए जाते हैं:-
  1. चपटा  बर्मा
  2. सीधा नालीदार वर्मा
  3. टेपर सीके का बर्मा
  4. तेल छेद वर्मा
  5. केन्द्र छेद वर्मा

Drilling machine

Drilling operation अर्थात drill से छेद करने के लिए ड्रिल मशीन के spindel में पकड़कर तेज गति से घुमाया जाता है व इस कार्य के लिए प्रयोग की जाने वाली मशीन को ड्रिलिंग मशीन कहते हैं।

करतन चाल एवं प्रभरण (cutting speed and feed)

करतन चाल ड्रिंल की परिधि की चाल से होती है जिसे ब्रिटिश पद्धति में फूट / मिनट और मीट्रिक प्रणाली में मीटर/मिनट में मापा जा सकता है इस प्रकार 1 मिनट में drill  के द्वारा काटी गई धातु की चिप को यदि एक सीधी रेखा में रखकर फुट या मीटर में माप लिया जाए तो वह उसकी कर्तन चाल के बराबर होगी विभिन्न धातुओं के लिए करतन चाल अलग अलग होती है इस करतन चाल को निम्नलिखित सूत्रों द्वारा निकालते  है:-
  • इंच size ki drill (C's) कर्तन चाल= πdn/12 foot per/main.
  • Mitric size drill C's = πdn/1000

प्रभरण (Feed)

ड्रिंल धातु को काटते हुए प्रत्येक चक्र में जॉब की जितनी गहराई तक प्रवेश कर जाती है उसे प्रभरण कहते हैं ।
प्रभरण feed = छेद की गहराई/समय ×RPM =L/TN

शीतलक (coolent)

शितलक का प्रयोग ड्रिलिंग करते समय बहुत महत्वपूर्ण है यदि कुलेंट का प्रयोग ना  किया जाए तो ड्रिल खराब हो सकता है या टूट सकता है जब ड्रिलिंग कर रहे होते हैं तो ड्रिल जॉब के ऊपर रगड़ कर चलता है तब गर्मी उत्पन्न होती है उस गर्मी को दूर करने के लिए कुलेंट का प्रयोग किया जाता है कुलेंट प्राय  तेल या पानी इत्यादि हो सकते हैं। 

ड्रिलिंग के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा सावधानियां

  1. ड्रिलिंग ऑपरेशन करते समय जॉब व ड्रिल को मजबूती से पकड़ना चाहिए।
  2. बड़े साइज का छेद करने से पहले छोटे छेद करने चाहिए।
  3. ड्रिल  का कर्तन कोण अच्छी तरह से ग्राइंड किया हुआ होना चाहिए।
  4. जॉब तो धातु के अनुसार उचित पोलैंड का उपयोग उचित मात्रा में करना चाहिए।
  5. कटिंग चिप्स को कभी भी हाथ से साफ नहीं करना चाहिए।
  6. चलती हुई मशीन की चाल को बदलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
  7. गहराई में ड्रिलिंग करते समय Drill को थोड़ी थोड़ी देर में बाहर निकालते रहना चाहिए ताकि चिप्स पूरी तरह से बाहर निकलती रहे।
  8. ड्रिलिंग ऑपरेशन करने के बाद ड्रिल या ड्रिल चैक को मशीन के स्पिंडल से बाहर निकालते के लिए ड्रिल ड्रिफ्ट का प्रयोग करना चाहिए।



1 comment:

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